Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव का ऐलान किया है। वर्ष 2026 से कक्षा 12 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली के तहत किया जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2026 में भी पूर्व की तरह भौतिक (ऑफलाइन) पद्धति से ही किया जाएगा। यह निर्णय मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
9 फरवरी को जारी सर्कुलर में सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे डिजिटल मूल्यांकन के लिए आवश्यक तकनीकी तैयारियां समय रहते पूरी करें। बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, ओएसएम प्रणाली लागू होने से अंकों की गणना में होने वाली मानवीय त्रुटियां समाप्त होंगी। स्वचालित प्रणाली के कारण अंक जोड़ने, मिलान और डेटा ट्रांसफर में अधिक सटीकता आएगी, जिससे परिणाम प्रक्रिया तेज होगी।
स्कूल से ही मूल्यांकन कर सकेंगे शिक्षक
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अपने ही स्कूल परिसर से डिजिटल मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे यात्रा, ठहराव और अतिरिक्त खर्चों में कमी आएगी। साथ ही, परिणाम जारी होने के बाद अंकों के सत्यापन की आवश्यकता भी लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे अतिरिक्त जनशक्ति की जरूरत घटेगी।
देश-विदेश के शिक्षकों को मिलेगा अवसर
सीबीएसई के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली से भारत सहित विदेशों में स्थित संबद्ध स्कूलों के शिक्षक भी मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसे पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक शिक्षा सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
तकनीकी ढांचा और प्रशिक्षण अनिवार्य
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को कंप्यूटर लैब, पब्लिक स्टैटिक आईपी, विंडोज 8 या उससे ऊपर का ओएस, न्यूनतम 4GB रैम, अद्यतन ब्राउजर, एडोबी रीडर, कम से कम 2 Mbps इंटरनेट स्पीड और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
इसके अलावा, प्रशिक्षण कार्यक्रम, ड्राई-रन, वीडियो ट्यूटोरियल और एक समर्पित कॉल सेंटर के जरिए शिक्षकों को सहयोग दिया जाएगा।



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