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post authorAdmin 11 Feb 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी राष्ट्रीय संगोष्ठी में किया प्रतिभाग, हिमालय संरक्षण पर दिया विशेष जोर.

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “सतत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025-26” से श्री जयेंद्र सिंह राणा एवं श्री संजय सत्यवली को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद का संपूर्ण जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने हिमालय संरक्षण को भारतीय सभ्यता और भविष्य की सुरक्षा से जोड़ा।

उन्होंने बताया कि डॉ. नित्यानंद ने विज्ञान और अध्यात्म, शोध और लोकजीवन तथा चिंतन और राष्ट्रहित को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। वे प्रतिवर्ष अपनी आय से लगभग 40 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करते थे।

1991 के उत्तरकाशी और 1999 के चमोली आपदा के बाद उन्होंने राहत एवं पुनर्वास कार्यों का अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया। मनेरी गाँव में 400 से अधिक भूकंपरोधी मकानों का निर्माण कराया गया तथा 50 से अधिक गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया।

उन्होंने ‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति’ की स्थापना कर सेवा कार्यों को संस्थागत स्वरूप दिया। देहरादून स्थित डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र हिमालयी अध्ययन, सतत विकास और आपदा प्रबंधन में नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण हेतु डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर और जल स्रोत संरक्षण अभियान चला रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है तथा डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से 72 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।

राज्य सरकार ने ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA)’ का गठन भी किया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रत्येक विशेष अवसर पर एक पौधा लगाने का आह्वान किया।