राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के लिए नई गाइडलाइंस जारी, बीजेपी सांसदों ने बताया ‘ऐतिहासिक’
केंद्र सरकार ने भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन को लेकर व्यापक और आधिकारिक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन नई गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ कब और किस प्रकार प्रस्तुत किया जाएगा, साथ ही श्रोताओं से अपेक्षित आचरण क्या होगा।
सरकार के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत की गरिमा बनाए रखना और उसके ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप एक समान प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने इसे ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है और यह गीत देश की स्वतंत्रता संग्राम की पहचान रहा है। उनके अनुसार, इस निर्णय से भारतीय संस्कृति के प्रति नया उत्साह देखने को मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है, जिसका वे स्वागत करते हैं।
वहीं, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह गीत आजादी के आंदोलन का अभिन्न हिस्सा था। उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि अब ‘वंदे मातरम’ को पूर्ण रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में सरकारी समारोहों में प्रस्तुति के समय, स्वरूप और नागरिकों के व्यवहार से संबंधित स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं।



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