न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला की अदालत ने चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल ₹2,02,000 का अर्थदंड भी लगाया है।
मामले के अनुसार, खदरी श्यामपुर निवासी जितेंद्र गुसाईं ने 15 सितंबर 2017 को न्यायालय में परिवाद दायर किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि इस्लाम नगर, सहसपुर देहरादून निवासी इरशाद अली से उनकी पुरानी जान-पहचान थी। आरोपी ने अपने निजी कार्य के लिए उनसे ₹2 लाख उधार लिए थे और छह माह में राशि लौटाने का आश्वासन दिया था।
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी जब रकम वापस नहीं की गई, तो आरोपी ने 11 जुलाई 2017 को एसबीआई सहसपुर शाखा का ₹2 लाख का चेक दिया। जब परिवादी ने चेक बैंक में जमा किया तो अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक अनादरित (डिशॉनर) हो गया।
सूचना देने के बावजूद आरोपी ने धनराशि वापस नहीं की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सोमवार को आरोपी इरशाद को दोष सिद्ध करार दिया।
अदालत का आदेश:
3 माह का सश्रम कारावास
₹2,02,000 का अर्थदंड
₹2,00,000 परिवादी को प्रतिकर
₹2,000 राजकोष में जमा
जुर्माना जमा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास



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