देहरादून में कफ सिरप के दुरुपयोग और अवैध बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और औषधि विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां नियमों के पालन की गहन जांच की गई। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों और निर्धारित मानकों के विपरीत बिक्री पर विशेष नजर रखी गई।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री बिल, दवाओं की एक्सपायरी डेट और भंडारण की स्थिति की जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कफ सिरप जैसी दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर की वैध पर्ची पर ही की जानी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान तीन संदिग्ध कफ सिरप के नमूने जब्त कर लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता और संरचना की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं या उनमें प्रतिबंधित तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित विक्रेता के लाइसेंस को निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
प्रशासन ने मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दवाओं की बिक्री से जुड़े सभी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि से बचें। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप या अन्य दवाओं का सेवन न करें और किसी भी अनियमितता की सूचना संबंधित विभाग को दें।
इस कार्रवाई का उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहने की बात कही गई है।



Admin






