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post authorAdmin 28 Feb 2026

"रुद्रपुर में कैंसर स्क्रीनिंग की शुरुआत, मरीजों को जल्द मिलेगी राहत".

रुद्रपुर: जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। अस्पताल के एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लिनिक में अब कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इसके तहत ओरल (मुंह), ब्रेस्ट (स्तन) और सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर की नियमित जांच की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एनसीडी क्लिनिक में पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। अब इसमें कैंसर स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया है…ताकि गंभीर बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सके और समय पर इलाज शुरू हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच से कैंसर से होने वाली मौतों में काफी कमी लाई जा सकती है। खासकर महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि स्क्रीनिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा…ताकि बीमारी गंभीर रूप लेने से पहले ही उपचार संभव हो सके।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान भी शुरू किया जा रहा है। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाएगा। जिले में हजारों डोज उपलब्ध कराई गई हैं। टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लानिंग, कोल्ड चेन प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण भी पूरा किया जा रहा है। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि इस पहल से जिले में कैंसर के मामलों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर के मामलों में 70 से 90 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से इस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित स्क्रीनिंग और टीकाकरण के संयुक्त प्रयास से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिला अस्पताल की यह पहल आमजन के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है और भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।