kotha
post authorAdmin 02 Mar 2026

विदेशों में फंसे उत्तराखंडवासियों के लिए कंट्रोल रूम अलर्ट, ईरान-इजराइल हालात पर नजर.

देहरादून : ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने पश्चिम एशिया में रह रहे प्रदेशवासियों की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। सरकार का ध्यान केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं है…बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बसे उत्तराखंड के प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे देशों में कार्यरत हैं। इनमें प्रवासी कामगार, नर्सिंग स्टाफ, होटल उद्योग से जुड़े कर्मचारी और अन्य पेशेवर शामिल हैं। खाड़ी देश लंबे समय से उत्तराखंड के लोगों के लिए रोजगार का प्रमुख केंद्र रहे हैं। इजराइल और ईरान में उत्तराखंडियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, फिर भी सरकार सभी देशों को लेकर समान रूप से सतर्क है।

राज्य सरकार ने विदेशों में रह रहे उत्तराखंड के नागरिकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली स्थित राज्य के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा को संबंधित देशों के भारतीय दूतावासों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर पर हेल्प डेस्क सक्रिय कर दी गई है…ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

गृह विभाग ने मिडिल ईस्ट में बसे उत्तराखंडियों का डेटा जुटाना शुरू कर दिया है और प्रवासी डेटा बैंक को अपडेट किया जा रहा है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों से जुड़े उन परिवारों की सूची तैयार रखें, जिनके सदस्य इन देशों में कार्यरत हैं।

राज्य कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। गृह विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं..जो सीधे विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करेंगे। विदेश में रह रहे उत्तराखंडवासियों के परिवारों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने परिजनों से संपर्क बनाए रखें और उन्हें भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का पालन करने के लिए कहें।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि सरकार ने एहतियातन सभी तैयारियां की हैं। प्राथमिकता यह है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट की स्थिति में असहाय न रहे और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर समय पर सहायता सुनिश्चित की जा सके।