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post authorAdmin 05 Mar 2026

'बंगाल में वोट देना लोगों की जान के लिए खतरा':धामी बोले- एसआईआर में फर्जी वोटर हटने से घबराईं दीदी, योजनाओं पर उठाए सवाल.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था और चुनावी माहौल को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोट देना लोगों की जान के लिए खतरा बन गया है। उनके अनुसार चुनाव के दौरान राज्य में हिंसा और डर का माहौल देखने को मिलता है, जिससे आम मतदाता खुलकर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव होते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में कई बार चुनावी हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कई इलाकों में मतदाताओं को डराया-धमकाया जाता है और राजनीतिक हिंसा के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है।

धामी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही राज्य सरकार और सत्ताधारी दल की बेचैनी बढ़ गई है। उनका कहना है कि जब मतदाता सूची से अवैध या फर्जी नाम हटते हैं तो चुनावी गणित बदल जाता है, इसी वजह से इस प्रक्रिया को लेकर विरोध और सवाल उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह जरूरी है कि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और सही हो। अगर फर्जी नाम बने रहते हैं तो इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर ऐसे पुनरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं, ताकि वास्तविक मतदाताओं को ही मतदान का अधिकार मिल सके।

धामी ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है और यह स्पष्ट नहीं होता कि वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का फायदा किस हद तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को राहत देना होना चाहिए, लेकिन यदि उनमें पारदर्शिता नहीं होगी तो लोगों के बीच अविश्वास पैदा होता है।

उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है और यहां चुनाव आयोग लगातार चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए काम करता है। ऐसे में हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह चुनावी प्रक्रिया में सहयोग करे और मतदाताओं को बिना किसी डर या दबाव के मतदान करने का माहौल दे।

मुख्यमंत्री धामी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत किया जाएगा तथा मतदाताओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें।