रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सलीम अहमद ने Q3FY26 अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान जानकारी दी कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर निर्माण कार्य तेज़ गति से जारी है और लक्ष्य दिसंबर 2028 तक परियोजना को पूरा करना है।
यह 125 किलोमीटर लंबी रणनीतिक रेल परियोजना पूरी तरह उत्तराखंड में स्थित है और हिमालय के चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय क्षेत्र से होकर गुजरती है। परियोजना पूर्ण होने के बाद पहाड़ी राज्य में रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह नई रेल लाइन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी। इससे देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
परियोजना की प्रमुख प्रगति
104 किमी लंबी 16 मुख्य सुरंगों में से लगभग 99 किमी की खुदाई पूरी
12 एस्केप टनल में से 9 टनल (94+ किमी) पूरी
8 एडिट (5 किमी) का निर्माण पूर्ण
19 प्रमुख पुलों में से 8 पुल तैयार
कई खंडों में सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है और लाइनिंग कार्य अंतिम चरण में है। परियोजना के अधिकांश हिस्से सुरंगों से होकर गुजरते हैं, जिससे निर्माण कार्य तकनीकी रूप से जटिल रहा है।
चारधाम रेल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विशेष महत्व दिया गया है।




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