ऋषिकेश विकासखंड मुख्यालय में शुक्रवार दोपहर 12 बजे आयोजित बीडीसी (क्षेत्र पंचायत) बैठक में पेयजल संकट और जर्जर मोटर मार्गों का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान ने की।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य बिनक आशीष कंडवाल ने बताया कि फल्दाकोट पंपिंग योजना से जुड़े गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने पातली गांव स्थित जल टैंक में स्थायी पंप ऑपरेटर तैनात करने की मांग उठाई।
ग्राम प्रधान किमसार दीपक बिष्ट ने जानकारी दी कि रणचुला पेयजल योजना पिछले 15 दिनों से ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं ग्राम प्रधान नैल अजय रावत ने आरोप लगाया कि कोटा में तैनात पंप ऑपरेटरों का मानदेय हर वर्ष कम किया जा रहा है।
सड़कों की स्थिति पर भी जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। जिला पंचायत सदस्य बच्चन बिष्ट ने कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य को समयबद्ध पूरा करने की मांग की। कांडाखाल-ताल-खैराणा और जुलेडी-धारकोट मोटर मार्ग की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया।
ग्राम प्रधान अमोला सोहनलाल अमोली ने बताया कि 2024 की आपदा में क्षतिग्रस्त धारकोट-तिमल्याणी मोटर मार्ग का हिस्सा दो वर्ष बाद भी ठीक नहीं किया गया है। बुकंडी-विंध्यवासिनी मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण जर्जर बना हुआ है।
भृगुखाल-तिमल्याणी मोटर मार्ग के मुआवजे का मामला भी बैठक में उठा। ग्राम प्रधान झैड़ मनवर नेगी ने शिकायत की कि मोहनचट्टी और बिजनी के बीच ओवरलोड डंपर चलने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है।
प्रधानों ने मोहनचट्टी क्षेत्र में सड़क किनारे रखे गए रिजॉर्ट संचालकों के जनरेटर हटाने की मांग की, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
मनरेगा भुगतान को लेकर भी नाराजगी दिखी। प्रधान सोहनलाल अमोली ने बताया कि मजदूरी का भुगतान समय पर हो जाता है, लेकिन निर्माण सामग्री का भुगतान दो-दो साल तक लंबित रहता है। इस पर खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल ने आश्वासन दिया कि केंद्र से धनराशि मिलते ही भुगतान कराया जाएगा।
बैठक में कई क्षेत्र पंचायत सदस्य और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



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