ऊर्जा निगमों में अब गैर‑तकनीकी अधिकारी भी बन सकेंगे एमडी, कैबिनेट ने एक्ट में संशोधन को दी मंजूरी
देहरादून: सरकार ने ऊर्जा निगमों में मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) के पद पर गैर‑तकनीकी अधिकारी को भी नियुक्त होने का रास्ता खोल दिया है। बुधवार को कैबिनेट ने तीनों प्रमुख ऊर्जा निगमों के एमडी पद की अर्हता में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे अब तकनीकी योग्यता न रखने वाले अधिकारी भी इस पद के योग्य हो सकेंगे।
पहले इन पदों के लिए तकनीकी पृष्ठभूमि (जैसे इंजीनियरिंग डिग्री) अनिवार्य मानी जाती थी, लेकिन अब इस निर्णय से प्रशासनिक और प्रबंधन कौशल रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को भी एमडी बनने का मौका मिलेगा।
सरकार ने पुष्टि की है कि यह संशोधन पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल), यूपीसीएल और यूजेवीएनएल जैसे ऊर्जा निगमों में लागू होगा। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने तकनीकी योग्यता न होने के कारण पिटकुल के प्रभारी एमडी को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन कोर्ट ने कहा था कि यदि सरकार चाहे तो नीतिगत बदलाव कर सकती है। इसी दिशा में यह संशोधन किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से ऊर्जा क्षेत्र के नेतृत्व ढांचे में प्रबंधन कौशल और प्रशासनिक क्षमता को अधिक महत्व मिलेगा, जिससे निगमों के संचालन में लचीलापन और दक्षता बढ़ सकती है।



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