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post authorAdmin 24 Mar 2026

ऋषिकेश ड्राई जोन में अवैध शराब का धंधा! दुकानदारों ने लगाए पोस्टर – “अंग्रेजी शराब बगल वाली दुकान में मिलती है”.

उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश में ड्राई जोन के बावजूद अवैध शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर तक लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है –
“अंग्रेजी शराब बगल वाली दुकान में मिलती है, बार-बार पूछकर हमें परेशान न करें।”

दरअसल शहर के परशुराम चौक और आसपास के इलाकों में ड्राई जोन होने के बावजूद खुलेआम अंग्रेजी शराब, देशी माल्टा और बीयर की बिक्री होने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परचून की दुकानों, ढाबों और होटलों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है।

दुकानदारों ने लगाए अजीब पोस्टर

लगातार शराब खरीदने वाले लोगों द्वारा पूछताछ से परेशान होकर कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर व्यंग्यात्मक पोस्टर लगा दिए। इन पोस्टरों में लिखा गया है कि “अंग्रेजी शराब, देशी माल्टा और ठंडी बीयर मेरी दुकान के दाएं-बाएं मिलती है, कृपया बार-बार पूछकर परेशान न करें।”

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रोजाना शराब पीने वाले लोग आसपास की दुकानों पर जाकर पूछते हैं कि शराब कहां मिलती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।

झुग्गी-झोपड़ियों में भी बिक रही शराब

स्थानीय निवासियों के अनुसार परशुराम चौक के पास झुग्गी-झोपड़ियों में भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। आरोप है कि शहर के कई इलाकों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और इसकी जानकारी पुलिस तथा आबकारी विभाग को भी है।

प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप

लोगों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के बजाय सिर्फ औपचारिक कार्रवाई करते हैं। कभी-कभी 30-40 टेट्रा पैक बरामद कर चालान काट दिए जाते हैं और इसे बड़ी कार्रवाई बताकर विभाग अपनी पीठ थपथपा लेता है।

होम डिलीवरी तक हो रही

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध शराब की होम डिलीवरी तक की जा रही है। जिन मोहल्लों में 15 साल पहले शराब बिकती थी, आज भी वहीं पर खुलेआम वही धंधा जारी है।

लाखों में खरीदे जा रहे खोखे

आरोप है कि अवैध शराब के कारोबार में इतनी कमाई हो रही है कि लोग 5-5 लाख रुपये तक में खोखे खरीद रहे हैं। कई जगहों पर दुकानों का किराया 30 हजार रुपये प्रति माह तक दिया जा रहा है। कुछ घरों में तो बार जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विधायक की चेतावनी भी बेअसर

स्थानीय विधायक द्वारा कई बार संबंधित विभागों को अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही है।

आबकारी विभाग का बयान

इस मामले में आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट का कहना है –
“अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को भी एक बड़ी कार्रवाई की गई है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।”

...English liquor is available in the shop next door

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