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post authorAdmin 01 Apr 2026

मुद्रा योजना से बदली लाखों की किस्मत: 52.37 करोड़ लोन स्वीकृत, महिलाओं को मिला सबसे बड़ा लाभ.

देश में छोटे कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है।
अप्रैल 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 52.37 करोड़ से अधिक लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से करीब 33.65 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।

सरकार की एक आधिकारिक फैक्ट-शीट के अनुसार इस योजना का सबसे बड़ा लाभ महिला उद्यमियों को मिला है। कुल वितरित लोन में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के नाम रहा, जिससे देश में महिला उद्यमिता को नई गति मिली है।

इसके अलावा योजना का सामाजिक प्रभाव भी व्यापक रहा है। लगभग 50 प्रतिशत लोन अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लाभार्थियों को दिए गए हैं, जिससे समाज के वंचित वर्गों को भी व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला है।

श्रेणियों के आधार पर वितरण

मुद्रा योजना के तहत लोन को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है—

1. शिशु श्रेणी

50,000 रुपये तक का लोन

कुल लोन का लगभग 78 प्रतिशत

राशि के हिसाब से 36 प्रतिशत हिस्सा

2. किशोर श्रेणी

50,000 से 5 लाख रुपये तक का लोन

कुल लोन का 20 प्रतिशत

राशि के हिसाब से 40 प्रतिशत हिस्सा

3. तरुण श्रेणी

5 लाख से 10 लाख रुपये तक का लोन

संख्या के हिसाब से 2 प्रतिशत

राशि के हिसाब से 24 प्रतिशत हिस्सा

सरकार ने हाल ही में ‘तरुण प्लस’ नाम से एक नई व्यवस्था भी शुरू की है। यह उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का लोन सफलतापूर्वक चुका दिया है। इसके तहत अब 10 लाख से 20 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।

इन लोन पर क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के जरिए गारंटी कवरेज भी दिया जाता है, जिससे छोटे उद्यमियों को बिना बड़े जोखिम के वित्तीय सहायता मिल सके।

किन क्षेत्रों को मिलता है फायदा

यह योजना विशेष रूप से छोटे कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत

मैन्युफैक्चरिंग

ट्रेडिंग

सर्विस सेक्टर

पोल्ट्री

डेयरी

मधुमक्खी पालन

जैसे व्यवसायों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई 2024 को पेश बजट में मुद्रा योजना की अधिकतम लोन सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की थी, जिसे 24 अक्टूबर 2024 से लागू कर दिया गया

यह लोन देश के बैंक, एनबीएफसी, माइक्रो-फाइनेंस संस्थान और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से दिया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रा योजना ने भारत में स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमों के विस्तार को नई ऊर्जा दी है।

मुद्रा योजना से बदली तस्वीर: 52.37 करोड़ लोन स्वीकृत, महिला उद्यमियों को मिला बड़ा फायदा