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post authorAdmin 02 Apr 2026

हवाई यात्रा होगी और आसान: यात्रियों के लिए सरकार के बड़े सुधार, सीट से लेकर सुविधा तक नए नियम.

भारत का विमानन क्षेत्र लगातार तेजी से विस्तार कर रहा है और अब देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के चलते छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। आज देशभर के हवाई अड्डों से रोजाना 5 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर रहे हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ कहा है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई नई यात्री-केंद्रित सुविधाएं और नियम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य हवाई यात्रा को अधिक सरल, किफायती और पारदर्शी बनाना है।

यात्रियों के लिए नई सुविधाएं

यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए देश के कई हवाई अड्डों पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ शुरू किए गए हैं, जहां किफायती कीमतों पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके साथ ही यात्रियों को पढ़ने की सुविधा देने के लिए ‘फ्लाईब्ररी’ की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम से किताबों तक मुफ्त पहुंच मिलती है।

अधिकांश हवाई अड्डों पर निःशुल्क वाई-फाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी मिल सके।

डीजीसीए के नए निर्देश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रियों को पारदर्शी और निष्पक्ष सेवाएं मिल सकें।

सीट आवंटन को लेकर बड़ा फैसला

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटों का निःशुल्क आवंटन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को सीट चयन के लिए अनावश्यक शुल्क न देना पड़े।

इसके अलावा, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने पर भी एयरलाइनों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे परिवारों और समूहों को यात्रा में सुविधा मिल सके।

सामान और पालतू जानवरों के लिए नई व्यवस्था

एयरलाइनों को खेल उपकरणों और संगीत वाद्ययंत्रों जैसे विशेष सामान की ढुलाई को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही पालतू जानवरों की ढुलाई के लिए भी स्पष्ट और यात्री-अनुकूल नीति बनाने को कहा गया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा

डीजीसीए ने एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करें।
खासतौर पर फ्लाइट में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में यात्रियों को उचित जानकारी और मुआवजा देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

साथ ही एयरलाइनों को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और हवाई अड्डों पर यात्रियों के अधिकारों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी

सरकार ने यात्रियों की जागरूकता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों के यात्री अपने अधिकारों और सुविधाओं को आसानी से समझ सकें।

निष्कर्ष

सरकार का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में बेहतर अनुभव, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन सुधारों से न केवल यात्रियों की शिकायतें कम होंगी, बल्कि भारत का विमानन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनेगा।

Can India's airports cope with rapid passenger growth? - Frontline