भारत सरकार ने उत्तराखंड को आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 113.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। यह सहायता राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) के अंतर्गत जारी की गई है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा वित्त आयोग प्रभाग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस राशि को जारी करने की मंजूरी दी गई है। उत्तराखंड को 11390.00 लाख रुपये, यानी एक सौ तेरह करोड़ नब्बे लाख रुपये, की राशि द्वितीय किश्त के रूप में स्वीकृत की गई है।
यह राशि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर जारी की गई है। इसका उद्देश्य राज्यों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उपायों को मजबूत करना और आपदा प्रबंधन तंत्र की क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से सीधे राज्य सरकार के खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
इसी आदेश के तहत गोवा राज्य को भी 140 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर 115.30 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता राज्यों को जारी की गई है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस निधि का उपयोग राज्य स्तर पर आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्यों और परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि निधि प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर केंद्र और राज्य का अंश सार्वजनिक लेखा शीर्ष में जमा किया जाए। यदि इसमें देरी होती है तो भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज देय होगा।
निर्वाचन आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने इस धनराशि के निर्गमन पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, लेकिन यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस सहायता का किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा और आचार संहिता के सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाएगा। साथ ही आचार संहिता की अवधि में कोई नया कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और राज्य की आपदा से निपटने की क्षमता को और बेहतर बनाएगी।



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