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post authorAdmin 23 Mar 2026

उत्तराखंड: कैबिनेट विस्तार के बाद पांच नए मंत्रियों की प्राथमिकताएं तय, योजनाओं को रफ्तार देने का दावा.

उत्तराखंड में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके साथ ही चार पुराने मंत्रियों के कुछ विभागों में भी बदलाव किया गया है। नए मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों में प्राथमिकताओं को तय करते हुए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का संकल्प जताया है।

सरकार ने कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग, सतपाल महाराज से पंचायतीराज और जलागम, सुबोध उनियाल से तकनीकी शिक्षा एवं भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग वापस ले लिए हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और सौरभ बहुगुणा के पास पूर्ववत विभाग बने रहेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने कोटे से नए मंत्रियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है। खास बात यह है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रियों के पास प्रदर्शन दिखाने के लिए सीमित समय है। ऐसे में लंबित योजनाओं को जमीन पर उतारना और नई योजनाओं को गति देना उनकी बड़ी चुनौती होगी।

युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता

पहली बार कैबिनेट मंत्री बने भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से चल रही योजनाओं को तेज किया जाएगा ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का “लखपति दीदी” अभियान ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और पैकेजिंग को बेहतर बनाया जाएगा ताकि उनका कारोबार बढ़ सके।

पंचायतों को मजबूत करना और खाली गांवों को आबाद करना

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतों को अधिक अधिकार देकर उन्हें मजबूत बनाया जाएगा। पंचायत भवन विहीन पंचायतों में नए भवन बनाए जाएंगे और निर्माण के लिए मिलने वाली धनराशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के खाली हो चुके गांवों को फिर से आबाद करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन, आयुष, पुनर्गठन और जनगणना जैसे क्षेत्रों में भी जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी।

परिवहन और तकनीक क्षेत्र में सुधार

मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम के कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे और निगम को लाभ में लाने की दिशा में काम होगा।

साथ ही जिन क्षेत्रों में बस सेवा नहीं है वहां परिवहन सुविधाएं बढ़ाने की योजना है। सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी जनहित को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

समाज कल्याण योजनाओं की पारदर्शिता पर जोर

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि विभाग की योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग में समय-समय पर लगने वाले आरोपों और जांच की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और यदि कहीं कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

जल संरक्षण और पर्यावरण पर विशेष ध्यान

पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्रोतों का सूखना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए नौलों और धारों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर काम किया जाएगा।

इसके अलावा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए “चाल-खाल” जैसी पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों को पुनर्जीवित किया जाएगा। राज्य में हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान भी चलाया जाएगा।