कराची/सिंध:
पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। सिंध प्रांत के कराची, जैकबाबाद, हैदराबाद और सुक्कुर समेत कई शहरों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन और रैलियां निकालकर सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुक्कुर में सिंध यूनाइटेड पार्टी (SUP) के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रेस क्लब के बाहर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कफन पहनकर सड़क पर उतरे और महंगाई के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठ गए।
पार्टी नेता ईदन जगिरानी ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि “महंगाई का जिन्न अब पूरी तरह बाहर आ चुका है और मजदूर वर्ग के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है।”
इसी दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने भी प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता गौहर खान खोसो ने दावा किया कि पेट्रोल की कीमत लगभग 378 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत राहत नहीं दी और गैर-जरूरी टैक्स खत्म नहीं किए, तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
वहीं, अवामी तहरीक ने सुक्कुर में तीर चौक से घंटाघर तक रैली निकाली और बाद में धरना दिया। पार्टी नेताओं अहमद कटियार और सरवन जटोई ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पश्चिम एशिया के हालात को बहाना बनाकर ईंधन की कीमतें बढ़ा रही है। उन्होंने पेट्रोल 378 पीकेआर और डीजल 520 पीकेआर प्रति लीटर तक पहुंचने पर चिंता जताई।
कराची में नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन पाकिस्तान (NTUF) और होम-बेस्ड विमेन वर्कर्स फेडरेशन (HBWWF) ने संयुक्त प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मजदूर संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोलियम लेवी खत्म करने और महंगाई के अनुपात में वेतन बढ़ाने की मांग की।
लेबर नेताओं नासिर मंसूर और जहरा खान ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं की नीतियों की आलोचना करते हुए सरकार से विदेशी कर्ज भुगतान पर पुनर्विचार करने और अधिकारियों को मिलने वाले मुफ्त ईंधन की सुविधा खत्म करने की मांग की।
इसी बीच, आम इंसान तहरीक ने जैकबाबाद में साइकिल रैली निकालकर यह दिखाने की कोशिश की कि महंगे ईंधन के कारण आम लोगों के लिए मोटर वाहन से सफर करना कितना मुश्किल हो गया है। आंदोलन के नेताओं सैयद अली शाह और अल्ताफ मिरानी ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से गरीबों पर भारी बोझ पड़ रहा है।
इससे पहले 3 अप्रैल को पाकिस्तान की ह्यूमन राइट्स काउंसिल (HRC) ने भी कराची प्रेस क्लब के बाहर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। संगठन ने इसे आम जनता के लिए “अनुचित बोझ” बताते हुए सरकार से तत्काल महंगाई नियंत्रण के कदम उठाने की मांग की।
अधिकार समूहों का कहना है कि यदि महंगाई और ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं।




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