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post authorAdmin 08 Apr 2026

उत्तराखंड जनगणना 2026: सबसे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे अपने आवास की स्वगणना, 10 अप्रैल से पोर्टल होगा सक्रिय.

उत्तराखंड में आगामी जनगणना प्रक्रिया की तैयारी तेज हो गई है। जनगणना निदेशालय ने पहले चरण के तहत स्वगणना की प्रक्रिया शुरू करने की योजना तैयार कर ली है। इसके अनुसार प्रदेश में सबसे पहले राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों से स्वगणना की शुरुआत की जाएगी।

निदेशालय के अनुसार प्रदेश में 10 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। जैसे ही पोर्टल सक्रिय होगा, निदेशालय की टीम सबसे पहले वीआईपी आवासों की स्वगणना कराएगी। इसके बाद आम नागरिक भी ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना कर सकेंगे।

दरअसल, जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होना निर्धारित है। लेकिन इस प्रक्रिया से लगभग 15 दिन पहले ही राज्य में स्वगणना की सुविधा शुरू की जा रही है, ताकि लोग स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।

इसके लिए जनगणना विभाग द्वारा विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से लोग घर बैठे अपनी जनगणना कर पाएंगे। विभाग के अनुसार स्वगणना प्रक्रिया सरल रखी गई है और इसमें नागरिकों को किसी भी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।

केवल 33 सवालों के जवाब देने होंगे

जनगणना के पहले चरण में नागरिकों को कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। ये सभी सवाल पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देंगे। नागरिकों को केवल इन सवालों का सही-सही उत्तर देना होगा।

यदि कोई व्यक्ति स्वयं स्वगणना नहीं करता है, तो जनगणना प्रगणक उसके घर जाकर वही 33 सवाल पूछेंगे और जानकारी दर्ज करेंगे। हालांकि यदि कोई व्यक्ति पहले ही स्वगणना कर लेता है, तो प्रगणक केवल उस जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे नागरिकों का समय भी बचेगा और प्रक्रिया भी आसान होगी।

राज्य सरकार और जनगणना निदेशालय का मानना है कि स्वगणना की यह डिजिटल व्यवस्था जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेगी।

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