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post authorAdmin 08 Apr 2026

ऋषिकेश में पेयजल संकट: तीन दिन से 12 हजार लोग प्यासे, ट्यूबवेल मोटर फुंकने से ठप हुई सप्लाई.

ऋषिकेश: तीन दिन से पानी के लिए तरस रहे 12 हजार लोग, जल संस्थान पर लापरवाही के आरोप

उत्तराखंड के ऋषिकेश शहर में पेयजल संकट ने हजारों लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इंदिरानगर, प्रगति विहार और नेहरू ग्राम क्षेत्र की करीब 12 हजार की आबादी पिछले तीन दिनों से पानी की भारी किल्लत झेल रही है। बाईपास मार्ग स्थित अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के ट्यूबवेल की मोटर जल जाने के कारण पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई ठप हो गई है।

बताया जा रहा है कि रविवार सुबह ट्यूबवेल की मोटर अचानक फुंक गई, जिसके बाद इलाके में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत जल संस्थान (विश्व बैंक परियोजना) के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन रविवार होने के कारण किसी अधिकारी ने तत्काल सहायता नहीं दी।

सोमवार को विभाग की ओर से ट्यूबवेल की मोटर बदलने का प्रयास किया गया, लेकिन नई मोटर लोड संभाल नहीं पाई। इसके कारण ओवरहेड टैंक पूरी तरह नहीं भर पाया और घरों तक पानी नहीं पहुंच सका।

स्थानीय लोगों ने एक बार फिर विभाग को जानकारी दी कि घरों में पानी का प्रेशर नहीं आ रहा है। इसके बाद विभाग ने फिर से मोटर बदलने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन मंगलवार रात तक भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई

प्रगति विहार की पार्षद सरोजनी थपलियाल और पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि जल संस्थान को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एक मोटर रिजर्व में रखनी चाहिए, ताकि खराब होने पर तुरंत बदलाव किया जा सके।

स्थानीय निवासी आयुष पाल ने बताया कि तीन दिन से पानी की सप्लाई बंद है और लोगों को हैंडपंप से पानी लाकर घरों तक पहुंचाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन अवकाश होने के कारण किसी ने फोन तक नहीं उठाया और न ही विभाग ने इलाके में पानी का टैंकर भेजा।

एक अन्य निवासी ललित धीमान ने कहा कि जल संस्थान पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर नजर नहीं आता। विभाग द्वारा लगाई जाने वाली मोटरों में अक्सर तकनीकी खराबी सामने आती है। उन्होंने कहा कि विभाग को एक अतिरिक्त मोटर रिजर्व में रखनी चाहिए और अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी चाहिए।

स्थानीय निवासी नरेश शर्मा ने भी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जल संस्थान पेयजल व्यवस्था को ठेकेदारों के भरोसे छोड़ देता है और अधिकारी ट्यूबवेल या मोटरों का निरीक्षण करने तक नहीं आते। रविवार सुबह मोटर खराब होने के बाद लोगों को हैंडपंप और टीएचडीसी के स्टैंड पोस्ट से सिर पर पानी ढोना पड़ा

इस मामले में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेश निरवाल ने बताया कि सोमवार को ट्यूबवेल की मोटर बदल दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों से जानकारी ली जाएगी और जल्द ही पेयजल आपूर्ति को सामान्य किया जाएगा।