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post authorAdmin 09 Apr 2026

उत्तरकाशी: मोक्ष केदार घाट पर अधजले शवों के अवशेषों को नोचते लावारिस कुत्ते, प्रशासन से कार्रवाई की मांग.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में भागीरथी नदी के किनारे स्थित मोक्ष केदार घाट पर इन दिनों बेहद चिंताजनक और विचलित कर देने वाली स्थिति सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार घाट पर अंतिम संस्कार के बाद अधजले शवों के अवशेष खुले में पड़े रह जाते हैं, जिन्हें लावारिस कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे हैं।

घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद बची सामग्री और अधजले अवशेषों की उचित सफाई नहीं हो रही है। इसी कारण घाट और आसपास के इलाके में कुत्तों का जमावड़ा लगने लगा है।

सामाजिक संगठन गंगा विचार मंच से जुड़े लोगों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर अंतिम संस्कार के बाद घाट की उचित सफाई नहीं हुई तो यह न केवल धार्मिक आस्था बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है।

गंगा विचार मंच के प्रांत संयोजक लोकेंद्र बिष्ट के अनुसार कोविड-19 महामारी के दौरान भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली थी, जब अंतिम संस्कार जल्दबाजी और प्रतिबंधों के बीच हो रहे थे। लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में भी यदि ऐसी स्थिति बनी हुई है तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि अधजले अवशेष खाने के कारण कुत्तों का व्यवहार भी आक्रामक हो गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कुत्तों के हमले में 18 लोग घायल हो चुके हैं।

लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि घाट पर अंतिम संस्कार के बाद अनिवार्य रूप से सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही लावारिस कुत्तों को पकड़ने और उनके नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि घाट की गरिमा और आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे।

A burning ghat near a river bank