देहरादून / चंडीगढ़।
Chandigarh के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। घटना के बाद Dehradun में भी पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और यहां स्थित भाजपा कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
देहरादून के एसएसपी परमेंद्र सिंह डोभाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से राजनीतिक दलों के कार्यालयों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
चंडीगढ़ पुलिस की शुरुआती जांच में हमले से जुड़े कई अहम सुराग सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार ग्रेनेड हमले का आरोपी गुरतेज सिंह पिछले तीन वर्षों से चंडीगढ़ में बाइक राइडर का काम कर रहा था और इस दौरान वह अपने घर भी नहीं गया। वहीं दूसरा आरोपी अमनप्रीत सिंह चंडीगढ़ में वाहन चालक के रूप में काम कर रहा था।
पंजाब के मोरिंडा क्षेत्र के गांव रतनगढ़ में छापेमारी के दौरान अमनप्रीत सिंह के घर से चंडीगढ़ पुलिस को एक पीले रंग का संदिग्ध लिफाफा मिला है, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इस लिफाफे में हमले से संबंधित कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज या सामग्री हो सकती है।
हालांकि अब तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां इस हमले को हाल ही में हुए अमृतसर धमाके से जोड़कर भी देख रही हैं और दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।




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