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post authorAdmin 06 Apr 2026

ऋषिकेश में संस्कृत छात्रों के लिए नई पहल: विदेशी भाषाएं सीखने के लिए सरकार देगी आर्थिक सहायता.

ऋषिकेश।
उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा को आधुनिक और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। अब संस्कृत के छात्र-छात्राओं को विदेशी भाषाएं सीखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि विभाग उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के माध्यम से छात्रों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिलाने के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। उनका कहना है कि संस्कृत का ज्ञान विश्व को शांति का संदेश देने की क्षमता रखता है, लेकिन वैश्विक संवाद के लिए छात्रों को विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी आवश्यक है।

रविवार को सचिव दीपक कुमार गैरोला ने ऋषिकेश नगर क्षेत्र में संचालित श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय, कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय और श्री भरत संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की ओर से संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की है। साथ ही संस्कृत पढ़ने वाली बालिकाओं को गार्गी छात्रवृत्ति प्रदान कर छात्राओं को भी संस्कृत शिक्षा की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विद्यालयों में साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष और वेद जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, ताकि संस्कृत के छात्रों को आधुनिक शिक्षा के साथ समाज में समान अवसर मिल सकें।

इसके अलावा उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार जल्द ही संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए आईएएस और पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू करने जा रहा है।

इस अवसर पर डॉ. वाजश्रवा, सुरेंद्र दत्त भट्ट, डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवाण, पूजा वशिष्ठ, मनोज द्विवेदी, जितेंद्र प्रसाद भट्ट, शंकरमणि भट्ट, डॉ. भानु प्रकाश उनियाल, शशि गौड़, सुरेश पंत, हर्षमणि नौटियाल, प्रियव्रत रतूड़ी और सुमित चमोली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।