उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र से शिक्षा विभाग में एक गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां एक सहायक अध्यापिका पर जाली जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है।
इस मामले में उप शिक्षा अधिकारी, डोईवाला की शिकायत पर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम में कार्यरत सहायक अध्यापिका सीमा देवी के जाति प्रमाणपत्र पर विभाग को संदेह हुआ था। इसके बाद विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की।
जांच के दौरान प्रमाणपत्र की सत्यता की गहन पड़ताल की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाणपत्र फर्जी है।
इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए।
बताया जा रहा है कि सीमा देवी की नियुक्ति वर्ष 2013 में विकासखंड प्रतापनगर, टिहरी गढ़वाल में उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से हुई थी।
इस पूरे मामले में विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी के अनुसार, मामले में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर सरकारी नियुक्तियों में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।



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