उत्तराखंड में चल रही डिजिटल स्व-गणना प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। शुक्रवार को स्व-गणना का आखिरी दिन है, जिसके बाद शनिवार से राज्यभर में प्रगणकों की टीमें घर-घर जाकर गणना का कार्य शुरू करेंगी।
निदेशालय जनगणना द्वारा 10 अप्रैल से शुरू की गई इस डिजिटल स्व-गणना में अब तक लगभग 56 हजार लोगों ने घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कराई है। इन सभी को एक विशेष एसई आईडी (Self Enumeration ID) जारी की जा चुकी है।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार जैसे जिलों में सबसे अधिक लोगों ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की है, जबकि पर्वतीय जिलों में भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली है।
अब अगले चरण में 25 अप्रैल से घर-घर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य शुरू होगा, जो 24 मई तक चलेगा। इसके लिए कुल 30,839 कर्मचारियों की टीम तैयार की गई है, जिसमें 4,491 सुपरवाइजर और 26,348 प्रगणक शामिल हैं।
निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, जिन लोगों ने पहले ही डिजिटल स्व-गणना कर ली है, उनके घर भी प्रगणक पहुंचेंगे। वे एसई आईडी की जांच कर डेटा को मौके पर सत्यापित करेंगे।
वहीं जिन लोगों ने अभी तक स्व-गणना नहीं की है, उन्हें प्रगणकों द्वारा पूछे जाने वाले 33 सवालों के जवाब देने होंगे, जिसके बाद उनकी गणना प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
यह पूरी प्रक्रिया राज्य में जनगणना को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



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