उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के बीच भ्रामक खबरों और अफवाहों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन, आपदा सुरक्षा और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया गया है ताकि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन मिल सके।
इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और गलत जानकारी फैलाकर न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित कर रहे हैं बल्कि राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने की गलत जानकारी दी जा रही थी।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोनप्रयाग थाना में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सरकार ने यह भी बताया कि अन्य संदिग्ध वीडियो की पहचान की जा चुकी है और उनकी जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।



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