उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग थाने में एक और मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक इंस्टाग्राम आईडी ‘दकर्लीपोएट’ द्वारा प्रसारित वीडियो प्रशासन के संज्ञान में आया। इस वीडियो में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर कई भ्रामक और निराधार दावे किए गए थे।
वीडियो में आरोप लगाया गया कि एक वृद्ध श्रद्धालु की तबीयत खराब होने के बावजूद प्रशासन ने मदद नहीं की और वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते आम श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।
हालांकि जांच में सामने आया कि 22 अप्रैल को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन ने तत्काल उन्हें केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। इसके बाद प्रशासन ने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा।
प्रशासन का कहना है कि वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे आमजन को भ्रमित करने और प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश की गई। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या दुष्प्रचार पर तुरंत और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



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