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post authorAdmin 29 Apr 2026

उत्तराखंड में जंगलों की आग ने तोड़े रिकॉर्ड, हवा हुई जहरीली – ब्लैक कार्बन बढ़ा रहा खतरा.

देहरादून/गढ़वाल:
उत्तराखंड में इस वर्ष अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह तक जंगलों में आग की घटनाओं ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 145 वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें 81 घटनाएं आरक्षित वन क्षेत्रों और 64 घटनाएं सिविल वनों में दर्ज की गई हैं।

इन घटनाओं में कुल 96.08 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बहुमूल्य वन संपदा जलकर नष्ट हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आग की घटनाओं में करीब 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

गढ़वाल मंडल इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां अकेले पांच वन प्रभागों में 110 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें 56 घटनाएं आरक्षित और 54 सिविल वनों में हुई हैं।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बदरीनाथ वन प्रभाग रहा है, जहां 41 घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में 30 घटनाओं में लगभग 65 हेक्टेयर जंगल जल चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन वनाग्नि की घटनाओं से न केवल जैव विविधता को नुकसान हो रहा है, बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया है। जंगलों से निकलने वाला ब्लैक कार्बन वातावरण में गर्मी बढ़ाने के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग को भी तेज कर रहा है।

Uttarakhand records highest number of large forest fires in India in last 7 days | Hindustan Times