“क्या आपने कभी ऐसे शिवधाम के बारे में सुना है… जहां आज भी सिर्फ नाथ संप्रदाय के योगी पूजा करते हैं? जहां भगवान शिव ने पांडवों को वृद्ध ब्राह्मण के रूप में दर्शन दिए थे? आज हम आपको लेकर चलेंगे देवभूमि उत्तराखंड के रहस्यमयी ‘बूढ़ा केदार धाम’ की यात्रा पर…”
उत्तराखंड की पावन वादियों में बसे प्राचीन शिवधामों की श्रृंखला में एक ऐसा अलौकिक तीर्थ भी मौजूद है, जिसे श्रद्धालु “देवभूमि का पांचवां धाम” मानते हैं। टिहरी गढ़वाल जिले की शांत और प्राकृतिक सुंदरता से घिरी घाटियों के बीच स्थित ‘बूढ़ा केदार धाम’ आज भी अपनी दिव्यता, आध्यात्मिक ऊर्जा और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
बालगंगा और धर्मगंगा नदियों के पवित्र संगम के समीप स्थित यह प्राचीन शिवालय आधुनिक जीवन की भागदौड़ से दूर देवदार और बांज के घने जंगलों के बीच स्थापित है। मान्यता है कि यहां विराजमान विशाल शिवलिंग की आभा और स्वरूप देश के अन्य शिवधामों से बिल्कुल अलग और अद्भुत है। यही कारण है कि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी इस पावन धाम की महिमा का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का विशेष वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि स्कंदपुराण के केदारखंड में वर्णित बूढ़ा केदार धाम आस्था और अध्यात्म का अद्भुत केंद्र है तथा इसे पंचम धाम के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने स्वजनों और गुरु द्रोणाचार्य के वध के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की खोज में निकले थे। कहा जाता है कि भगवान शिव ने यहां एक वृद्ध ब्राह्मण के रूप में पांडवों को दर्शन दिए और बाद में शिवलिंग में समाहित हो गए। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम ‘बूढ़ा केदार’ पड़ा।
इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवित है। मंदिर में पूजा-अर्चना का दायित्व केवल नाथ संप्रदाय के योगियों द्वारा निभाया जाता है। यही परंपरा इस धाम को अन्य शिवालयों से अलग पहचान देती है।
बूढ़ा केदार धाम वर्षभर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। यह धाम टिहरी शहर से लगभग 60 किलोमीटर और ऋषिकेश से करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्रा के लिहाज से यह स्थान तेजी से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।



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