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post authorAdmin 29 May 2026

SC: 'CCTV पर पैनी नजर और AI से निगरानी', NEET पेपर लीक के बाद NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताए बड़े सुरक्षा सुधार.

नई दिल्ली।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा कि परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, फॉरेंसिक विश्लेषण, AI आधारित मॉनिटरिंग, नई सुरक्षा समितियों और वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

यह मामला फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर याचिकाओं से जुड़ा है। याचिकाओं में नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में NTA ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई अहम सिफारिशें की गईं।

कमेटी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV सिस्टम की अनिवार्य जांच और कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने की सलाह दी। साथ ही मॉक ड्रिल, बिजली बैकअप, मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं और खराब मौसम की स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रबंधन योजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

NTA ने बताया कि परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण कराया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद CCTV फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की भी व्यवस्था की गई ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संभावित अनियमितता की पहचान की जा सके।

 

हलफनामे में कहा गया है कि नीट यूजी 2026 के बाद हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने या मौजूदा पेन-एंड-पेपर मोड को जारी रखने पर निर्णय ले सकती है।

NTA ने यह भी बताया कि एजेंसी के पुनर्गठन के तहत 16 नए वरिष्ठ पद सृजित किए गए हैं। इनमें डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर स्तर के पद शामिल हैं। दो अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) नियुक्त किए गए हैं, जिनमें एक तकनीकी संचालन और दूसरा परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेगा।

एजेंसी ने परीक्षा संचालन को मजबूत बनाने के लिए IIT, UGC, CBSE, KVS और IGNOU के विशेषज्ञों की सहायता लेने की भी जानकारी दी। इसके अलावा देशभर में स्टेट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी (SLCC) और डिस्ट्रिक्ट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी (DLCC) गठित की गई हैं, जिनमें प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और NTA के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जल्द सुनवाई कर सकता है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।