उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत के साथ ही श्रद्धा और आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है। इस वर्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
कपाट खुलने से पहले पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मां गंगा की उत्सव डोली मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान पूरे मार्ग में “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्थानीय लोग और श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में डोली यात्रा में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक भव्य धार्मिक उत्सव का रूप लेता नजर आया।
दूसरी ओर, यमुनोत्री धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन निर्धारित शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे, जिससे चारधाम यात्रा का पहला चरण प्रारंभ हो जाएगा।
प्रशासन ने यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, और इस दिन चारधाम यात्रा का आरंभ विशेष फलदायी होता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।



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