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post authorAdmin 19 Apr 2026

30 हजार रुपये में किराये पर बैंक अकाउंट लेकर चल रहा था सट्टेबाजी नेटवर्क, हाई प्रोफाइल कनेक्शन और विदेशी लिंक का खुलासा.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई को शहर की एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने अंजाम दिया, जिसमें गिरोह के सरगना गुलशन उर्फ बाबू खेमानी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच के अनुसार यह गिरोह पिछले करीब ढाई साल से सक्रिय था और “3 स्टंप्स”, “रेड्डी ग्रुप”, “बजरंग ग्रुप”, “मेट्रो 65” और “डायमंड मास्टर” जैसे ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर हाई प्रोफाइल लोगों से संपर्क बनाते थे और सट्टेबाजी के नेटवर्क को विस्तार देते थे।

मुंबई में छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार बरामद की गई। वहीं गोवा में की गई कार्रवाई में चार अन्य आरोपी पकड़े गए, जिनके पास से दो लैपटॉप, 14 मोबाइल, राउटर, एटीएम कार्ड और लेन-देन से जुड़ी दस्तावेजी सामग्री जब्त की गई।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पैसे के लेन-देन के लिए किराए पर लिए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। देशभर में एजेंटों के माध्यम से 20 से 30 हजार रुपये में बैंक खाते किराये पर लिए जाते थे, जिनमें करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।

पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना कई बार दुबई, थाईलैंड और बैंकॉक की यात्रा कर चुका है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।

मामले में गंज थाना में केस दर्ज कर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद इस वर्ष अब तक ऑनलाइन सट्टेबाजी के 11 मामलों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 2.96 करोड़ रुपये की संपत्ति और नकदी जब्त की गई है।