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post authorAdmin 19 Apr 2026

उत्तराखंड में दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मियों को पक्का करने की तैयारी, नियमावली में होगा संशोधन.

उत्तराखंड में दैनिक वेतनभोगी, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार इन कर्मचारियों के नियमितीकरण यानी स्थायी नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है। इसके लिए मौजूदा नियमावली में संशोधन पर गंभीर स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो चुका है।

शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने की, जबकि इसमें सौरभ बहुगुणा भी शामिल रहे। बैठक में कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए न्यायसंगत और व्यावहारिक समाधान तैयार करने पर जोर दिया गया।

सरकार का फोकस नियमितीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है, ताकि पात्र कर्मचारियों को जल्द से जल्द स्थायी सेवा का लाभ मिल सके। मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

इस पहल से राज्य में कार्यरत सैकड़ों दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से अस्थायी तौर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए यह कदम एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है।

 किन कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ

बताया जा रहा है कि सरकार उन कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में काम कर रही है जो 4 दिसंबर 2018 तक विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे थे। इसमें दैनिक वेतनभोगी, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन और तदर्थ नियुक्त कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले दिसंबर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद नियमावली भी जारी की गई और एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया, जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है।

संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही सरकार नियमितीकरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर लागू कर सकती है।