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post authorAdmin 23 Apr 2026

आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन को बढ़ावा: 100 संस्थाएं जुड़ीं, सेवाएं होंगी तेज और सुरक्षित.

देश में डिजिटल पहचान को और सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सरकार ने जानकारी दी है कि आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अब तक कम से कम 100 संस्थाओं को ‘ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटीज (OVSE)’ के रूप में जोड़ा जा चुका है।

यह उपलब्धि सिस्टम लॉन्च होने के मात्र तीन महीनों के भीतर हासिल की गई है, जिसे एक बड़ी प्रगति माना जा रहा है।

यह पहल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के तहत लागू की गई है, जिसका उद्देश्य पहचान सत्यापन को सुरक्षित, कागज रहित और यूजर की सहमति आधारित बनाना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, इन 100 संस्थाओं में केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ फिनटेक कंपनियां, होटल, इवेंट मैनेजमेंट फर्म, शिक्षा और परीक्षा संस्थान तथा बैकग्राउंड व वर्कफोर्स वेरिफिकेशन से जुड़े संगठन शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इन संस्थाओं के जुड़ने से

सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी

प्रोसेसिंग समय कम होगा

और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स पर निर्भरता घटेगी

इस सिस्टम की खास बात यह है कि इसमें यूजर अपनी जानकारी पर पूरा नियंत्रण रखता है। आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन के तहत व्यक्ति QR कोड या डिजिटल साइन किए गए डॉक्यूमेंट के माध्यम से केवल आवश्यक जानकारी साझा करता है, जिससे डेटा की गोपनीयता बनी रहती है।

सरकार के अनुसार यह प्रणाली डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखकर विकसित की गई है, जिससे लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश में मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे ईज ऑफ लिविंग में सुधार होगा और आम नागरिकों को तेज, आसान और सुरक्षित सेवाएं मिल सकेंगी।