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post authorAdmin 23 Apr 2026

समान काम-समान वेतन: उत्तराखंड में उपनल कर्मियों के अनुबंध की शर्तें फिर से तय होंगी, विरोध के बाद सरकार का बड़ा फैसला.

उत्तराखंड में उपनल (UPNL) कर्मियों के लिए समान काम-समान वेतन को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है। कर्मचारियों के विरोध के बाद राज्य सरकार ने अनुबंध की शर्तों की दोबारा समीक्षा करने का निर्णय लिया है।

राज्य के कार्मिक सचिव शैलेश बगौली के अनुसार, मौजूदा अनुबंध प्रारूप में संशोधन किया जा रहा है और जल्द ही नई शर्तों के साथ संशोधित अनुबंध जारी किया जाएगा।

दरअसल, सरकार पहले ही 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों को “समान काम-समान वेतन” देने का आदेश जारी कर चुकी है। इसके तहत इन कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे संबंधित विभागों के साथ अनुबंध करना होगा।

हालांकि, कर्मचारियों ने इस व्यवस्था का विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रस्तावित शर्तों में नियमितीकरण का अधिकार और दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा स्पष्ट नहीं है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो सकता है।

उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने बताया कि कर्मचारियों की आपत्तियों से सरकार को अवगत करा दिया गया है और उम्मीद है कि संशोधित अनुबंध में इन्हें शामिल किया जाएगा।

कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

राज्य में इस योजना का लाभ 11 हजार से अधिक उपनल कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।

3,240 अकुशल

2,561 अर्द्धकुशल

4,775 कुशल

475 उच्च कुशल

45 अधिकारी वर्ग

विवाद की मुख्य वजह

नियुक्ति अस्थायी रहेगी

नियमितीकरण का अधिकार नहीं

सेवा लाभ सीमित

अनुबंध अवधि आधारित निरंतरता

व्यक्तिगत अनुबंध और सख्त आचरण नियम

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा समाधान जरूरी है, जो समान वेतन के साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।