देहरादून - चारधाम यात्रा 2022 का, जय बदरी विशाल, हर-हर महादेव व जय मां गंगे के जयघोष के साथ श्रीगणेश हो गया है। कोविड 19 के बाद पहली बार चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार तीर्थ नगरी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न बसों के माध्यम से चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुए। कोरोना महामारी के चलते दो वर्ष बाद शुरू हुई चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 5 मई को इस यात्रा का विधिवत रूप से शुभारंभ करेंगे।सोमवार को ट्रांसपोर्टर की ओर से आयोजित चारधाम यात्रा महोत्सव के तहत बस टर्मिनल कंपाउंड से यात्रा के लिए बसों को रवाना किया गया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, पालिकाध्यक्ष अनीता ममगांईं व महामंडलेश्वर डा. स्वामी रामेश्वर दास महाराज ने बसों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर नरेश बसंल ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सबसे अहम यात्रा है।
कोरोना महामारी के दुखद दौर के बाद चारधाम यात्रा आरंभ होना और यात्रा के प्रति तीर्थ यात्रियों का अपार उत्साह सुखद है। तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी यात्रा में न हो, इसके लिए सरकार ने समुचित व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने यात्रियों से तीर्थस्थलों की मर्यादा व गरिमा को बनाए रखने की अपील की। महापौर अनीता ममगाईं ने कहा कि वर्षों से हम अतिथि देवो भव की परंपरा के साथ तीर्थ यात्रियों का स्वागत करते आए हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान कर सकें। विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते दो वर्षों तक चारधाम यात्रा ठप रही, जिसका बड़ा असर उत्तराखंड के ट्रांसपोर्टर पर पड़ा। मगर, अब चारधाम यात्रा के शुरू होने से इस व्यवसाय से जुड़े हजारों चेहरों पर खुशी देखने को मिली है। उन्होंने तीर्थ यात्रियों तथा चालक-परिचालकों से तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की।कार्यक्रम में महंत रवि प्रपन्नाचार्य, सुनील भगत, मनोज शर्मा, पार्षद राकेश मियां, राजेंद्र बिष्ट, मनीष शर्मा, चेतन चौहान, विपिन पंत, सरोज डिमरी, मदनमोहन शर्मा, पं. हरिकृष्ण उनियाल, नवीन रमोला, मदन कोठारी, राकेश सेमवाल, आशुतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।



abhishek






